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बुरे हे हम तभी तो जी रहे हे..
अच्छे होते तो दुनिया जीने नही देती..

बहुत देता है तू उसकी गवाहियाँ और उसकी सफाईयाँ..
समझ नहीं आता तू मेरा दिल है या उसका वकील..!!

दिल मजबूर हो रहा है तुम से बात करने को
बस जिद ये है कि बात की शुरुआत तुम करो

मजबूर ना करेंगे तुझे वादे निभाने के लिए।
तू एक बार वापस आ अपनी यादें ले जाने के लिए|

दिल के किसी कोने में अब कोई जगह नहीं ऐ सनम,
कि तस्वीर हमने हर तरफ तेरी ही लगा रखी है|

एक तो सुकुन और एक तुम..
कहाँ रहते हो आजकल मिलते ही नही|

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